मेहरबान हुआ शिक्षा विभाग , जेल में बैठ कर स्कूल चला रहे हेड मास्टर, अटैम्प टू मर्डर का है आरोप

Jun 12, 2024 - 08:29
Jun 12, 2024 - 08:39
मेहरबान हुआ शिक्षा विभाग , जेल में बैठ कर स्कूल चला रहे हेड मास्टर, अटैम्प टू मर्डर का है आरोप

Publish On : 06/12/2024 16:28:54

बिहार के मोतिहारी में एक सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक जेल में बंद होने के बाद भी सलाखों के पीछे से स्कूल की देखभाल कर रहे हैं. विनोद राम पर एक लड़के को बुरी तरह पीटने का आरोप है. लड़का अभी कोमा में है, लेकिन फिर भी पूर्वी चंपारण का शिक्षा विभाग इतना मेहरबान है कि हेडमास्टर साहब जेल से ही सारा काम कर रहे हैं.

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स्कूल चलाना कोई बिजनेस चलाने जैसा नहीं है. यहां देश के भविष्य के प्रति काफी जिम्मेदारी और जवाबदेही होती है, लेकिन आज भी कई जगहों पर सरकारी स्कूलों की हालत खराब है तो कई जगहों पर प्रिंसिपल की लापरवाही की वजह से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. कुछ ऐसा ही हाल बिहार के मोतिहारी के पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड के पोखरा पंचायत के तलवा गांव का है.

इस गांव के एक स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक करीब एक महीने से जेल में हैं और जेल से ही स्कूल पर हुकूमत चला रहे हैं. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद राम कितने पढ़े-लिखे हैं, यह तो विभागीय जांच के बाद ही पता चलेगा, क्योंकि आज भी उनके विद्यालय की दीवारों पर बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर कुमार का नाम साफ-साफ लिखा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद वे विद्यालय पर हुकूमत चला रहे हैं।

प्रधानाध्यापक पर मारपीट का आरोप

कोटवा प्रखंड के तलवा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद राम को विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया गया है, यानी वे नियमित प्रधानाध्यापक न होकर प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। वे पंचायत शिक्षक हैं। कुछ दिन पहले प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद राम का पड़ोसी के यहां शादी समारोह में अपने परिवार के एक लड़के से विवाद हो गया था। इसके बाद लड़का विनोद राम के घर के सामने से गुजर रहा था, तभी विनोद राम और उसके परिवार वालों ने मिलकर लड़के की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि लड़का कोमा में चला गया।

शिक्षा विभाग का पक्ष

लड़के के परिवार वालों ने कोटवा थाने में विनोद राम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद पूर्वी चंपारण का शिक्षा विभाग विनोद राम पर इतना मेहरबान है कि विभागीय कार्रवाई तो दूर, उसे दिया गया प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद भी वापस नहीं लिया गया और विनोद राम अभी भी जेल से ही विद्यालय का संचालन कर रहे हैं।

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