डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पटरी से उतरी ,कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा

Jul 18, 2024 - 11:30
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पटरी से उतरी ,कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा

गोंडा में डिब्रूगढ़ ट्रेन क्या किसी साजिश का शिकार हुई? इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं. ट्रेन के लोको पायलट ने जो दावा किया है, वो चौंकाने वाला है. घटनास्थल पहुंचे रेलवे के उच्च अधिकारियों से लोको पायलट ने कहा कि हादसे से पहले उसने एक धमाके की आवाज सुनी थी.

यूपी के गोंडा जिले में गुरुवार को बड़ा रेल हादसा हुआ. चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही 15904 डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन डिरेल हो गई. झिलाही और मोतीगंज रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए. हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई तो वहीं 27 घायल हो गए. घायलों को गोंडा के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य अभी भी जारी है. वहीं हादसे के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हादसा हुआ कैसे. सिग्नल की मिस्टेक थी, लोको पायलट की गलती थी या फिर कोई साजिश थी?

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इन सब सवालों के बीच डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने जो दावा किया है, वो चौंकाने वाला है. डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट का नाम त्रिभुवन है. त्रिभुवन ने दावा किया कि हादसे से पहले उसने रेलवे ट्रैक पर धमाके की आवाज सुनी थी. धमाके के बाद ही ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर कर पलट गए. वहीं लोको पायलट के दावे के बाद रेलवे ने साजिश के एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है. अगर लोको पायलट का दावा सच साबित होता है तो इस हादसे के पीछे किसका हाथ, इसका पता लगाना भी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा.

ट्रेन की गति काफी धीमी थी, क्या धमाके बाद ही पलटी?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के बाद यह पता चला है कि ट्रेन काफी धीमी गति से चल रही थी. यही वजह है कि हादसे में ज्यादा लोगों की जान नहीं गई. लोको पायलट ने बताया कि उसने हादसे से पहले एक धमाके की आवाज सुनी थी. इसके बाद ये सवाल उठ रहा है कि अगर ट्रेन तेज रफ्तार में होती तो शायद लोको पायलट को धमाके की आवाज न सुनाई देती और हादसे का स्वरूप भी कुछ दूसरा होता. हालांकि धमाका कहां पर किया गया, क्या धमाके से रेल की पटरी टूटी, जिसके बाद ट्रेन के डिब्बे पलट गए, ये सब सवाल रेलवे को तलाशने हैं.

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